व्यापार Business

योजना आयोग के आंकड़े गरीबों के खिलाफ साजिश : भाजपा

नई दिल्ली, 24 जुलाई : योजना आयोग के आंकड़ों में गरीबी घटने पर भाजपा ने केंद्र सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि ये आंकड़े गरीबों के खिलाफ एक षडयंत्र हैं और उनको कल्याणकारी योजनाओं के दायरे से बाहर करने के लिए तैयार किए गए हैं।


भाजपा ने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह साबित करे कि कोई कैसे 34 रुपये प्रतिदिन की आमदनी में जीवन बिता सकता है। (योजना आयोग की रिपोर्ट सुरेश तेंदुलकर समिति के फार्मूले पर आधारित है, जिसके अनुसार 34 रुपये प्रतिदिन व्यय करने वाला व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर है।)

भजपा ने गरीबी पर अधिकृत आंकड़े को लेकर बुधवार को सरकार की खिंचाई की। पार्टी ने कहा कि कल्याण योजनाओं का लाभ मुहैया नहीं कराना गरीबों के खिलाफ साजिश है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि गरीबी का आकलन करने के लिए तेंदुलकर समिति की पद्धति की समीक्षा करने के लिए सरकार को रंगराजन समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा करनी चाहिए थी।

जावड़ेकर ने सवाल किया, "तेंदुलकर समिति के आधार पर गरीबी रेखा तय की गई है। रंगराजन समिति भी इस पर काम कर रही है। आखिर उन्होंने रिपोर्ट की प्रतीक्षा क्यों नहीं की।"

गुरुवार को जारी अधिकृत आंकड़ा दर्शाता है कि गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के प्रतिशत में तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2004-5 में यह 37.2 प्रतिशत था, जो वित्त वर्ष 2011-12 में 21.9 प्रतिशत रह गया है।

तेंदुलकर पद्धति का इस्तेमाल करते हुए निर्धारित राष्ट्रीय गरीबी रेखा के हिसाब से गांवों में प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 816 रुपये और शहरों में प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 1000 रुपये आय का आकलन किया गया है।

--IANS

व्यापार Business headlines

  • शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 151 अंक नीचे
  • तेल कीमत 107.42 डॉलर प्रति बैरल
  • रुपये का संदर्भ मूल्य 62.38 प्रति डॉलर
  • स्ट्राइड्स एक्रोलैब के शेयरों में 58 फीसदी गिरावट
  • उप्र में सरकारी बैंकों में कामकाज ठप
  • शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में तेजी
  • 'भारत में कारोबार शुरू करना कठिन'
  • Comments

    Required fields are marked *

    Back to Top