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वाहन क्षेत्र पर निर्भरता कम करना चाहता है फोर्जिग उद्योग

नई दिल्ली, 24 जुलाई : कारोबार में तेजी लाने के लिए देश का फोर्जिग उद्योग वाहन क्षेत्र पर अपनी निर्भरता घटाना चाहता है।


यह बात यहां एसोसिएशन ऑफ इंडियन फोजिर्ंग इंडस्ट्री (एआईएफआई) ने कही। एआईएफआई ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि वाहन क्षेत्र में रिकार्ड मंदी के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में भी फोर्जिग उत्पादन में विकास की बहुत उम्मीद नहीं की जा सकती।

एआईएफआई के अध्यक्ष बाबू राव ने कहा, "2011-12 में इस क्षेत्र का पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 18 फीसदी विकास हुआ था, जबकि 2012-13 में उद्योग का कारोबार पहले जितना ही रहना तय है। मुख्य रूप से इसका कारण वाहन उद्योग में चल रही मंदी है।"

मौजूदा स्थिति में उद्योग वाहन क्षेत्र पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। अभी भी कुल फोर्जिग उत्पादन का 70 प्रतिशत हिस्सा वाहन उद्योग के लिए ही होता है।

वाहन क्षेत्र के भरोसे विकास कम होने और भारतीय ऑटो कंपोनेंट कारोबार की मांग कम होने के अनुमान पर फोर्जिग उद्योग ने सामूहिक तौर पर, सोच-समझकर यह निर्णय लिया था कि ऑटो क्षेत्र पर अपनी निर्भरता कम करेंगे और दूसरे क्षेत्रों में मौके बढ़ाएंगे।

फोर्जिग उद्योग की स्थापित क्षमता 37.5 लाख टन प्रति वर्ष है और इस क्षमता का 75 प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है जो 28 लाख टन है।

--IANS

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